📘 व्यापारी मित्र को समझिए
📘 व्यापारी मित्र को समझिए
व्यापारी मित्र वह व्यक्ति होता है जो अपने व्यापार के माध्यम से इस रोजगार सहयोग व्यवस्था को मजबूत बनाता है। यह कोई अलग से जुड़ने वाला पद नहीं है — बल्कि यह भूमिका तभी प्रारंभ होती है जब व्यक्ति पहले सहयोगी मित्र बन चुका होता है।
👉 इस व्यवस्था में व्यापार लाभ कमाने से पहले जिम्मेदारी समझने से शुरू होता है।
🔎 व्यापारी मित्र बनने का भाव
- यह कोई निवेश योजना नहीं है
- यह धन दोगुना करने की स्कीम नहीं है
- यह लाभ की गारंटी देने वाली व्यवस्था नहीं है
- यह समाज और रोजगार से जुड़ी व्यवस्था है
व्यापारी मित्र यह स्वीकार करता है कि —
“मेरा व्यापार केवल मेरे लिए नहीं, बल्कि इस व्यवस्था से जुड़े लोगों के रोजगार से भी जुड़ा है।”
“मेरा व्यापार केवल मेरे लिए नहीं, बल्कि इस व्यवस्था से जुड़े लोगों के रोजगार से भी जुड़ा है।”
🎯 इस समझ का उद्देश्य
- व्यापार में नैतिकता बनी रहे
- व्यवस्था में विश्वास बना रहे
- सहयोग की भावना कमजोर न हो
- रोजगार का प्रवाह स्थिर रहे
यहाँ व्यापार पहले नहीं — पहले समझ बनती है।
