मित्र मिलकर व्यवस्था कैसे चलाते हैं?

🔗 तीनों मित्र मिलकर व्यवस्था कैसे चलाते हैं

यह व्यवस्था किसी एक व्यक्ति पर आधारित नहीं है। यह तीन अलग–अलग भूमिकाओं के संतुलन से आगे बढ़ती है —

🤝 सहयोगी मित्र
सहयोगी मित्र इस व्यवस्था की नींव है। वह किसी लाभ या व्यापार की अपेक्षा से नहीं, बल्कि विश्वास और सहयोग की भावना से जुड़ता है।
🛠️ कर्मयोगी मित्र
कर्मयोगी मित्र मेहनत और अनुशासन से कार्य करता है। वही खुदरा बिक्री (Retail) करता है और धीरे–धीरे अपने पैरों पर खड़ा होने की दिशा में आगे बढ़ता है।
🏪 व्यापारी मित्र
व्यापारी मित्र पहले से व्यवसाय कर रहा होता है। वह थोक व्यापारी (Wholesaler) की भूमिका निभाता है और कर्मयोगी को माल उपलब्ध कराता है।

⚖️ प्रतिशत और संतुलन

सहयोग कोई आर्थिक लाभ तय नहीं
कर्मयोगी 10% (स्थिर होने तक)
व्यापारी 3% योगदान (अस्थायी)

यह 3% और 10% स्थायी नहीं हैं। यह केवल उस समय तक हैं — जब तक कर्मयोगी आत्मनिर्भर नहीं हो जाता।

जैसे ही कर्मयोगी स्वतंत्र होता है —
✔ कर्मयोगी 10% से मुक्त हो जाता है
✔ व्यापारी भी 3% योगदान से मुक्त हो जाता है

यह व्यवस्था किसी को बाँधने के लिए नहीं — बल्कि खड़ा करने के लिए बनाई गई है।
⚠️ महत्वपूर्ण स्पष्टता — यह जानकारी केवल व्यवस्था को समझाने के लिए है। यह कोई वादा, गारंटी या निश्चित लाभ नहीं है।
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