काम करने वाले को समझिए

◆ कर्मयोगी को समझिए

कर्मयोगी वह व्यक्ति होता है जो हालात को दोष नहीं देता, बल्कि अपने जीवन की दिशा स्वयं बदलने का निर्णय लेता है।

वह सहायता चाहता है – भीख के रूप में नहीं, बल्कि अवसर के रूप में।

🌱 कर्मयोगी कौन बन सकता है

  • • जो वर्तमान में बेरोजगार है
  • • जो काम करना चाहता है, पर रास्ता नहीं मिला
  • • जो मेहनत करने के लिए मानसिक रूप से तैयार है
  • • जो नियमों के साथ आगे बढ़ना स्वीकार करता है
  • • जो आसान रास्ता नहीं, सही रास्ता चुनना चाहता है

यहाँ उम्र, डिग्री या पहचान से पहले नियत और संकल्प देखे जाते हैं।

⚙️ इस व्यवस्था में कर्मयोगी की भूमिका

कर्मयोगी इस व्यवस्था का केंद्र होता है – क्योंकि पूरी संरचना उसी को आत्मनिर्भर बनाने के लिए बनाई गई है।

  • • व्यवसाय प्रारंभ करने का अवसर मिलता है
  • • मार्गदर्शन और दिशा दी जाती है
  • • कार्य प्रणाली से जोड़ा जाता है
  • • उसकी प्रगति को नियमित रूप से देखा जाता है

⚖️ स्पष्ट नियम (बहुत जरूरी)

यह व्यवस्था –

✘ नौकरी की गारंटी नहीं देती

✘ निश्चित आमदनी का वादा नहीं करती

✘ बिना मेहनत सफलता नहीं दिखाती

“जो सीखने को तैयार है,
जो नियमों के साथ चलता है,
और जो हार नहीं मानता —

उसके लिए आगे बढ़ने का रास्ता खुलता है।”

कर्मयोगी बनना कोई पद नहीं — यह एक यात्रा है।

एक ऐसी यात्रा – जो व्यक्ति को आत्मनिर्भरता की ओर ले जाती है।

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