📊 कौन से गणित से मॉडल चलता है?
यह कोई स्कीम, निवेश या पैसा कमाने की योजना नहीं है — यह काम, सहयोग और जिम्मेदारी पर आधारित रोजगार गणित है।
🔹 मूल सिद्धांत
- यह मॉडल पैसा इकट्ठा नहीं करता
- यह मॉडल किसी को अमीर बनाने का वादा नहीं करता
- यह मॉडल जिम्मेदारी को बराबर बाँटता है
- रोजगार व्यक्ति के हाथ में रहता है
🔸 रोजगार सहयोग गणित
जब कोई व्यक्ति रोजगार शुरू करता है — तो व्यवस्था तीन भूमिकाओं से चलती है:
- सहयोगी मित्र — व्यवस्था को खड़ा करने में सहयोग देता है
- व्यापारी मित्र — माल सप्लाई करता है
- कर्मयोगी — दुकान चलाकर मेहनत करता है
तीनों बाहर से आते हैं — कोई अंदर पैदा नहीं होता।
📈 गणित कैसे चलता है (सरल उदाहरण)
मान लीजिए:
- व्यापारी मित्र ने ₹1,00,000 का माल दिया
- उस पर संगठन को 3% सहयोग मिलता है
- कर्मयोगी दुकान शुरू करता है
शाम को ₹10,000 की बिक्री हुई मुनाफा = ₹1,000
- कर्मयोगी संगठन को 10% = ₹100 देता है
- ₹900 उसका अपना लाभ रहता है
- ₹9,000 से अगला माल लिया जाता है
यही पैसा घूमना है — पैसा कहीं रुकता नहीं।
🔁 चक्र कैसे आगे बढ़ता है?
- कर्मयोगी आत्मनिर्भर बनता है
- 10% और 3% स्वतः बंद हो जाते हैं
- वही व्यक्ति आगे चलकर सहयोगी मित्र और व्यापारी मित्र बनता है
- नए कर्मयोगी तैयार करता है
आज कर्मयोगी — कल सहयोगी और व्यापारी।
✅ अंतिम सत्य
यह मॉडल अमीर बनने का नहीं है। यह मॉडल खुद के पैरों पर खड़ा होने का गणित है।
अगर 10,000 लोग ₹10 भी ईमानदारी से दें — तो कोई बेरोजगार भूखा नहीं रहेगा।
