काम करने वाला कौन है?
इस व्यवस्था में “काम करने वाला” कोई मजदूर या कर्मचारी नहीं कहलाता।
वह व्यक्ति होता है — जो अपने जीवन की जिम्मेदारी स्वयं उठाना चाहता है।
जो यह नहीं कहता — “मुझे कोई दे दे” बल्कि यह कहता है — “मुझे अवसर दो, मैं खुद बना लूँगा।”
🔍 ऐसा व्यक्ति कौन हो सकता है
- • जो मेहनत से पीछे नहीं हटता
- • जो सीखने के लिए तैयार रहता है
- • जो समय और अवसर की कीमत समझता है
- • जो बहाने नहीं — समाधान ढूंढता है
- • जो ईमानदारी और अनुशासन को महत्व देता है
यहाँ डिग्री नहीं देखी जाती, जाति या पहचान नहीं पूछी जाती — बस यह देखा जाता है कि आप सच में आगे बढ़ना चाहते हैं या नहीं।
⚖️ इस व्यवस्था में उसकी स्थिति
इस मॉडल में काम करने वाला किसी के नीचे नहीं होता।
वह एक जिम्मेदार भागीदार के रूप में आगे बढ़ता है।
- • उसे काम करने का वास्तविक अवसर मिलता है
- • उसे दिशा और मार्गदर्शन दिया जाता है
- • धीरे-धीरे आत्मनिर्भर बनने का रास्ता खुलता है
- • उसकी प्रगति को देखा और समझा जाता है
यह व्यवस्था वादा नहीं करती —
✕ नौकरी की गारंटी ✕ निश्चित आय ✕ बिना मेहनत सफलता
लेकिन यह साफ कहती है — मेहनत करोगे, सीखोगे और जिम्मेदारी निभाओगे तो आगे बढ़ने का रास्ता जरूर खुलेगा।
