🧭 रोजगार सहयोग मॉडल — कैसे आगे बढ़ता है

यह कोई एक दिन का निर्णय नहीं है — यह विश्वास → प्रशिक्षण → अनुभव → स्वतंत्रता की एक स्पष्ट यात्रा है।


① सहयोगी मित्र बनना

यात्रा की शुरुआत सहयोग से होती है — यहाँ व्यक्ति किसी लाभ या आमदनी की अपेक्षा नहीं करता।

  • ✔ व्यवस्था को समझता है
  • ✔ नियमों को स्वीकार करता है
  • ✔ विश्वास की नींव बनती है

② कर्मयोगी मित्र का निर्माण

जब व्यक्ति मेहनत का संकल्प लेता है — तब वह कर्मयोगी मित्र बनता है।

  • ✔ कार्य से जोड़ा जाता है
  • ✔ मार्गदर्शन दिया जाता है
  • ✔ जिम्मेदारी सिखाई जाती है
  • ✔ धीरे-धीरे आत्मनिर्भर बनने की तैयारी होती है

③ व्यापारी मित्र का सहयोग

व्यापारी मित्र थोक (Wholesale) के रूप में जुड़ता है —

  • ✔ माल उपलब्ध कराता है
  • ✔ संगठन को 3% योगदान देता है
  • ✔ यह योगदान तब तक रहता है जब तक कर्मयोगी को स्वतंत्रता नहीं मिलती
  • ✔ स्वतंत्र होने पर व्यापारी स्वतः 3% से मुक्त हो जाता है

④ खुद की दुकान — खुद का निर्णय

अब कर्मयोगी खुदरा (Retail) स्तर पर अपनी दुकान चलाता है —

  • ✔ अपनी मेहनत से बिक्री करता है
  • ✔ मुनाफ़ा सीधे उसके पास रहता है
  • ✔ संगठन नियंत्रण नहीं करता
  • ✔ केवल मार्गदर्शक की भूमिका रहती है

⑤ स्वतंत्रता की अवस्था

जब कर्मयोगी पूरी तरह सक्षम हो जाता है —

✔ वह संगठन पर निर्भर नहीं रहता ✔ व्यापारी 3% योगदान से मुक्त हो जाता ✔ व्यक्ति पूर्ण आत्मनिर्भर बनता है

यह मॉडल किसी को बाँधता नहीं — यह लोगों को खड़ा करता है।

जब तीनों मित्र संतुलन में चलते हैं — तभी व्यवस्था स्थायी बनती है।

यह मॉडल भावना से नहीं — स्पष्ट गणित और संतुलन से चलता है।

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